रविवार को सुबह से ही बादलों की आवाजाही होती रही। कभी तेज धूप तो कभी बादलों के बीच से निकलने वाली धूप से लोग बेहाल रहे। उमस के चलते पंखा और कूलर भी हांफते नजर आए। हवा में नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग पसीने से तर-बतर नजर आए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार की तुलना में शनिवार को अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बढ़ी हुई आर्द्रता ने गर्मी का असर और अधिक महसूस कराया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब बादल तो रहते हैं लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होती, तब उमस और अधिक बढ़ जाती है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार से मौसम का मिजाज फिर बदलने लगेगा। बादलों की आवाजाही कम होने और तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होगी। 9 और 10 जून को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की संभावना है। इन दिनों लू चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की अपील की है।
नहीं बरसे बादल, उमस ने बढ़ाई मुश्किलें; आज से फिर तपेगा प्रयागराज